गोपालप्रसाद व्यास से साक्षात्कार

( श्री अशोक चक्रधर )

प्रश्न : आपने एक बात कही कि अगर एक ऐंग्लो इंडियन लड़की मिली होती तो आप अंग्रेजी जल्दी सीख जाते और आपने अंग्रेजी सीखी जीवनानुभव से। ऐंग्लो इंडियन तो नहीं मिली, पर यह बताइए कि इंडियन महिलाएं कितनी मिलीं आपको, जिन्होंने आपके जीवन को रसमय किया ?
उत्तर : इंडियन महिलाओं का तो हाल यह था कि मैं दिल्ली में महिलाओं के लिए हीरो था। लाल किले के कवि सम्मेलन से जब मैं उठकर चलने लगता तो मेरे पीछे महिलाओं की भीड़ चलने लगती थी। और मुझको जब कांग्रेस और जनसंघ ने लोकसभा का टिकट देना चाहा तो मेरी विशेषताओं में एक विशेषता यह भी मानी गई थी कि महिलाओं के मत तो व्यास को सबसे अधिक मिलेंगे।
प्रश्न :
आपका निजी स्नेह किन-किन पर रहा, जो आपकी बहुत निकट की महिला मित्र रहीं ? उनमें से शायद एक-आध आदरणीय ऊपर पहुंच गईं हों, या रहीं हों अभी ? अंतरंग बात । गोपनीयम्‌ गोपनीयम्‌।
उत्तर : महिलाएं जीवन में बहुत आईं, परंतु वे अपने-अपने स्वार्थ के लिए आईं। कोई नौकरी के लिए आई, कोई डॉक्टरेट प्राप्त करने के लिए आई। वे सब अपना स्वार्थ सिद्ध करके चली गईं, किसी ने वास्तविक और सच्चा प्रेम मुझसे नहीं किया। मेरे प्रेम की प्यास तो..........

प्रश्न :
जो वास्तविक और सच्चा प्रेम करने वाला होता है, उस पर आपने एक कविता लिखी थी। आशिकों की शक्ल कैसी होनी चाहिए ? क्या थी वो कविता याद है, आपको ?
उत्तर : हां याद है, सुनिए-
आशिकों की शक्ल कुछ-कुछ भूत होनी चाहिए
अक्ल उनकी नाप में छह सूत होनी चाहिए।
इश्क करने के लिए काफी कलेजा ही नहीं,
आशिकों की चांद भी मज़बूत होनी चाहिए।

प्रश्न :
यह सत्य तो हर युग का सत्य है कि 'आशिकों की चांद मज़बूत होनी चाहिए' आपको सपने में भी कभी महिलाएं सताती हैं क्या ?
उत्तर : नहीं, मुझे सपने आते हैं तो प्रभु के आते हैं। सदाचार के आते हैं। कविता सपने में आती है और भारतेन्दु बाबू को कविता जब सपने में आती थी तो कोयले से दीवारों पर लिख दिया करते थे और सवेरे उसको उतार लिया करते थे। लेकिन मुझे तो यह सुविधा प्राप्त नहीं है। रात को आई हुई कविता सवेरे भूल जाता हूं। लेकिन आज भी सपने मुझे साहित्य के आते हैं। कविता के आते हैं।

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