मामाजी !

( लोकप्रिय हास्य कविताएं )  

भूमिका
पत्नी को परमेश्वर मानो
आराम करो !
साली क्या है रसगुल्ला है
साला ही गरम मसाला है
सास नहीं, भारत माता हैं
हाय, न बूढ़ा मुझे कहो तुम !
नई क्रांति
चले आ रहे हैं
पलकों पर किसे बिठाऊं मैं ?
एजी कहूं कि ओजी कहूं ?
समधिन मेरी रसभीनी है
मामाजी !
जूते चले गए
नहाऊं मैं !
अनारी नर
धन्यवाद
भाभीजी नमस्ते


 

हे मामा जी !
लो आज आपसे हो जाए
अपनी कुछ रामा-श्यामा जी !
हे मामा जी !

पत्नी पर मैंने लिखा
लिखा उनके प्राणोपम भाई पर,
साली पर मैंने लिखा
लिखा अपनी पवित्र भौजाई पर।
सासू पर मैंने लिखा
ससुरजी पर अक्षत डाल दिए
अब तुम ही सिर्फ बचे हो
मेरे काव्य-जगत के गामा जी !
हे मामा जी !

मां से बढ़कर हैं मामा जी
मां जी से बढ़कर मामा जी
जीमा कि नहीं मामा जी ने
होता इस पर हंगामा जी !
ढीली आदत, ढीली अंटी
ढीली आंखें, ढीला चश्मा
ढीली टांगों में लदर-पदर
पहने ढीला पाजामा जी !
हे मामा जी !

 

 

 



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