हिन्दी चले तो कैसे चले ?

भूमिका
वंदे हास्यरसम
व्यंग्य-विनोद शास्त्र से लोक तक
समय की देन हूं मैं
कहां लौं कहिए ब्रज की बात
राष्ट्रवाणी
हिन्दी चले तो कैसे चले
आपुन मुख हम आपुन करनी
यह विस्फोट अहम्‌ का है
तो सुनो मेरी कहानी
ओम शान्ति !
''व्यापारे वसते लक्ष्मी'' नहीं, आज तो ''व्यापारे वसते अंग्रेजी'' ही उनका मूल मंत्र है।
हिन्दी चले तो चले कैसे ? जब सर्वोच्च न्यायालय का सारा काम अंग्रेजी में चलता है तो उच्च न्यायालय के निर्णय हिन्दी या देशी भाषाओं में कैसे लिखे जाएं ? जब उच्च न्यायालयों के फैसले अंग्रेजी में लिखे जाते हैं, तब वकील हिन्दी में बहस कैसे करें ? जब मामलों को उच्च और उच्चतम न्यायालयों तक पहुंचाना ही है, तब निचली अदालतों से अंग्रेजी कैसे हटे ? कानून अंग्रेजी में, जिरह अंग्रेजी में, फैसले अंग्रेजी में। हिन्दी या देशी भाषाओं में तो सिर्फ झूठी या सच्ची गवाही ही दी जा सकती है, जिसे अनुवाद करके कुछ का कुछ समझाया जा सकता है।
हिन्दी चले तो चले कैसे ? जब सरकार अंग्रेजी पत्र-पत्रिकाओं को ही महत्व देती है और उन्हीं की कतरनों पर गौर करती है, जब बुद्धिवादी अपने को अंग्रेजी में अभिव्यक्त करके ही गौरव को प्राप्त होते हैं, जब विद्यार्थी हिन्दी पढ़कर धक्के खाते हैं, जब देश में हिन्दी संस्थाओं की वक़त नहीं है, जब हिन्दी के कार्यकर्ता या तो लोहियावादी माने जाते हैं अथवा फिर संघी या भूतपूर्व जनसंघी, तब हिन्दी की गाड़ी आगे कैसे चले ?
हिन्दी चले तो चले कैसे ? जब हिन्दी के साहित्यकार मौलिक कृतिकार न रहकर उच्छिष्ट-भोगी या अपने स्वार्थों के लिए दीन-हीन भिखारी बन गए हैं- कहीं कोई पद मिले या छोटा-बड़ा पुरस्कार मिले अथवा मुफ्त की ही पेंशन मिल जाए, साहित्य का भंडार न भरकर उनका पेट भरते रहना चाहिए।
हिन्दी चले तो चले कैसे ? उसका शोर तो है, लेकिन मांग नहीं। सरकारी कर्मचारी तरक्की पाने के लिए उसे पढ़ना चाहते हैं। नेता और मंत्री चुनावों में वोट पाने के लिए उसका अभ्यास बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन सरकारी कर्मचारी हिन्दी सीखकर उसमें काम नहीं करते। नेता हिन्दी में वोट मांगकर चुने जाते हैं, लेकिन चुने जाने के बाद हिन्दी को भूलना ही श्रेयस्कर समझते हैं। सरकार, अपनी सुविधा के लिए संविधान में अभी तक हिन्दी को बनाए हुए है- यही क्या कम है ?
लेकिन याद रखिए, हिन्दी नहीं चलेगी तो इस देश में लोकतंत्र भी नहीं चलेगा। लोकतंत्र अधिक दिन तक परलोक की भाषा में नहीं चल सकता।

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